लेखनी प्रतियोगिता -06-May-2022 प्यार की परख
"देखो बरखा मै आजाद परिन्दा हूँ ।जिस तरह आजाद परिन्दे को एक डाली से दुसरी डाली पर उड़कर बैठने की आदत होती है । उसी तरह मेरी आदत है। मै आजतक किसी के रोके नहीं रुका। तुम चाहतीहो कि मैं शादी के बन्धन में बधकर कैद होजाऊँ। तुम्है मेरा यौ आजाद उड़ना पसन्द नहीं है।"संयम बरखा से बोला।
"नही संयम कहदो यह मैं मजाक कर रहा हूँ संयम यदि यह केवल मजाक है तो मुझे यह मजाक पसन्द नही है। "बरखा दुःखी होती हुई बोली।
"नहीं बरखा मै मजाक नहीं कर रहा मै सच कहरहा हूँ। मै आजाद परिन्दा हूँ। मेरी इस बात पर तुम इतनी परेशान क्यौ होगयी हो। बरखा रानी चार दिन की ये जिन्दगी है मौज उडा़ले।" संयम ने बरखा को समझाया।
" संयम यही तो औरत और पुरुष मे अन्तर है तुम आजाद परिन्दो की तरह उड़ सकते हो हम औरत यदि ऐसा करैगे तो हमको कोई कुलटा कोई बदचलन और कोई वैश्या बोलेगा। तुम औरत का दर्द क्या समझोगे एक औरत के साथ कितने बन्धन होते है। तुम्है मालूम है मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ।" बरखा ने संयम को जबाब दिया।
बरखा की बात सुनकर संयम का चेहरे पर चिन्ता की लकीरे दिखाई देने लगी।
"यह कैसे हुआ बरखा। कहदो यह झूँठ है। मेरी मम्मी को जब यह मालूम होगा वह तुम्है कभी भी स्वीकार नहीं करैगी। यह बच्चा तो हमें गिरवाना होगा।" संयम बरखा को समझाने लगा।
"नहीं मै माँ हूँ जो इस दुनियाँ में अभी आया ही नहीं मै उसकी हत्या कैसे कर सकती हूँ मै ऐसा कदापि नहीं करूँगी। " बरखा ने जबाब दिया।
" पागल मत बनो बरखा यह पागलपन अच्छा नही है। मेरी बात मानलो मै एट डाक्टर को जानता हूँ वह किसी को बतायेगे भी नही।" संयम बरखा को समझाने की कौशिश करने लगा
"बहुत खूब तुम तो बहुत स्वार्थी हो तुम पुरुष इन आदतौ के कारण ही बदनाम हो। तुम तो कलियौ का रस पान करके उड़जाओगे उन कलियौ का क्या होगा यदि मुझे पहले मालूम होता तो मै तुम जैसे स्वार्थी से दूर रहती। मेरी बुद्धि खराब थी जो उस दिन तुम्हारे बहकाबे मै आगयी थी। यह सब उसी का परिणाम है।" बरखा नाराज होती हुई बोली।
"इसमे मेरे अकेले का तो कोई दोष नही है इसमे तो तुम भी बराबर की भागीदार हो। यदि तुम उह दिन मना करदेती तब यह समस्या क्यौ आती। तुमने तो यह बताकर मुझे भी परेशान कर दिया है। " ,संयम बरखा को दोषी ठहराते हुए बोला।
बरखा ने अपना बच्चा गिरवाने से मना करदिया।और संयम को अपनी मम्मी से बात करने को बोला।
जब संयम ने यह बात अपनी मम्मी को बताई तब उसकी मम्मी उससे बोली," तेरा दिमाग तो ठीक है मै जानती हूँ ये लड़किया बहुत चालाक होती है ये किसी का दोष किसी पर डाल देती है ऐसी लड़कियौ पर बिश्वास नही करना चाहिए उससे कहदो बच्चा गिरवादै खर्चा हम देदेगे।।"
जब संयम ने बरखा को फिर से बच्चा गिरवाने के लिए बोला वह संयम के गले पड़गयी और बोली," देख संयम बच्चा गिरवाने के लिए फिरसे मत बोलना तुझे यह स्वीकार नही है । मै अकेली उसे सम्भाल लूँगी। परन्तु बच्चा गिरवाऊँगी नही।"
संयम ने उसे बहुत समझाया परन्तु बरखा तैयार नही हुई। क्यौकि बरखा माँ बनने वाली थी ही नहीं उसने तो केवल संयम को परखने के लिए बोला था। क्यौकि उसकी सहेली ने उसे बताया था कि संयम की एक और भी गर्लफ्रैन्ड है।
अब बरखा को संयम व उसके परिवार की असलियत का पता चलगया था इस लिए बरखा ने संयम से दूरियाँ बनाना शुरू करदी।
जब संयम को सचाई पता चली तब वह बरखा से मांफी माँगने लगा । लेकिन बरखा ने यह कहकर कि तुम कोई और कली ढूढ़लो और आजाद परिन्दौ कीतरह आजाद हो जाओ। मै तुम्है नही कैद करूँगी। मुझे तुम्हारे व तुम्हारे परिवार के असली चेहरे का पता चलगया अब मै तुम्हारी बातौ में नही आऊँगी।" यह कहकर बरखा संयम को छोड़कर चलीगयी।
Punam verma
07-May-2022 07:47 AM
Very nice
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Abhinav ji
06-May-2022 11:39 PM
Nice
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Renu
06-May-2022 10:13 PM
👍👍
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